नेपाली पंचांग
विक्रम सम्वत्, नेपाल का सरकारी सौर पंचांग: बैशाख से चैत्र तक बारह महीने, नववर्ष और भारत के विक्रम संवत् से अंतर।
यह कैसा पंचांग है
नेपाल का सरकारी पंचांग विक्रम संवत् का नेपाली रूप है (नेपाली वर्तनी में विक्रम सम्वत्)। नेपाल में इसे सौर पंचांग की तरह बरता जाता है: सूर्य के नई राशि में जाने पर नया मास लगता है और वर्ष मेष संक्रांति के आसपास बैशाख 1 से शुरू होता है। पर पर्व भारत की तरह चान्द्र तिथि से चलते हैं। नेपाली पंचांग को पात्रो कहते हैं, और उसमें सौर तारीख़ तथा चान्द्र तिथि दोनों छपती हैं।
उत्तर भारत में विक्रम संवत् के मास चान्द्र हैं, और यही मुख्य अंतर है। संवत् और उसका शून्य-बिंदु वही है, पर महीनों की गिनती का ढंग अलग है।
संवत् और वर्ष-संख्या
विक्रम संवत् ईसा पूर्व 57 से गिना जाता है। नेपाल में ईसवी वर्ष के आरंभ से बैशाख 1 तक ईसवी वर्ष में 56 जोड़ें, और बैशाख 1 से वर्ष के अंत तक 57। यानी भारत के सौर पंचांगों की तरह वर्ष वसंत में बदलता है, ईसवी नववर्ष पर नहीं।
कुछ समुदायों के अपने संवत् भी चलते हैं। सबसे जाना हुआ नेपाल सम्वत् है, जो नेवार समुदाय का चान्द्र-सौर संवत् है और ईसवी सन् 879 से गिना जाता है। वह अलग पद्धति है।
बारह महीने
| क्रम | नेपाली मास | सूर्य किस राशि में |
|---|---|---|
| 1 | बैशाख | मेष |
| 2 | जेष्ठ (जेठ) | वृषभ |
| 3 | असार | मिथुन |
| 4 | श्रावण (साउन) | कर्क |
| 5 | भाद्र (भदौ) | सिंह |
| 6 | आश्विन (असोज) | कन्या |
| 7 | कार्तिक | तुला |
| 8 | मंसिर | वृश्चिक |
| 9 | पौष | धनु |
| 10 | माघ | मकर |
| 11 | फाल्गुन (फागुन) | कुंभ |
| 12 | चैत्र | मीन |
नाम संस्कृत मासों के ही हैं, नेपाली उच्चारण के साथ। मास की लंबाई निश्चित नहीं है: हर मास 29 से 32 दिन का होता है और सूर्य की गति के अनुसार हर वर्ष बदलता है। नेपाल सरकार वर्ष का पंचांग पहले से प्रकाशित करती है, इसलिए "बैशाख में सदा 31 दिन" जैसा कोई नियम नहीं है।
नववर्ष
नेपाली नववर्ष बैशाख 1 को पड़ता है, मेष संक्रांति के आसपास, और वहाँ सार्वजनिक अवकाश है। इस दिन परिवार से मिलना, मंदिर-दर्शन, नए कपड़े और स्थानीय उत्सव होते हैं। भक्तपुर की बिस्केट जात्रा, जिसमें रथ की शोभायात्रा निकलती है, इसी समय होती है।
नेपाल के विशेष पर्व
बड़े पर्व चान्द्र हैं और उनकी तिथियाँ भारत की चान्द्र तिथियों वाली ही हैं, पर मनाने का ढंग नेपाली है।
- दशैं: आश्विन में, सबसे लंबा और महत्वपूर्ण पर्व, लगभग पंद्रह दिन का। विजयादशमी पर बड़े अपने से छोटों को चावल, दही और लाल रंग का टीका लगाकर आशीर्वाद देते हैं।
- तिहार: दीपों का पाँच दिन का पर्व, जिसमें कौए, कुत्ते, गाय और बैल को अर्पण होता है, फिर लक्ष्मी पूजा और भाई टीका।
- तीज: भाद्र में स्त्रियों का पर्व, व्रत, लाल वस्त्र और गीतों के साथ।
- जनै पूर्णिमा: श्रावण पूर्णिमा, जब अनेक हिंदू पुरुष यज्ञोपवीत बदलते हैं और अन्य लोग कलाई में रक्षा-सूत्र बाँधते हैं।
- माघे संक्रांति: माघ 1 को, तिल, घी और शकरकंद के साथ।
दिन की गणना
दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है, और पात्रो में सौर तारीख़ के साथ चान्द्र तिथि छपी रहती है। नेपाल का समय भारत से 15 मिनट आगे है। छपे समय मिलाते समय यह मायने रख सकता है, पर यह साइट आपके नगर का समय स्वयं निकालती है।
मुख्य पंचांग से अंतर
- नेपाली मास सौर हैं। बैशाख सूर्य के मेष में प्रवेश पर लगता है, अमावस्या या पूर्णिमा पर नहीं।
- नववर्ष मेष संक्रांति के आसपास है। कुछ वर्षों में वह चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के निकट पड़ता है, पर उससे बँधा नहीं है।
- मास की लंबाई हर वर्ष बदलती है और नेपाल सरकार की तालिका से आती है।
वर्ष-संख्या अधिकतर समय विक्रम संवत् की संख्या के बराबर रहती है। वसंत के कुछ सप्ताह, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से बैशाख 1 तक, दोनों में एक का अंतर आ सकता है। दशैं और तिहार जैसे चान्द्र पर्वों के लिए मुख्य पंचांग देखा जा सकता है।